गृह मंत्रालय का संयुक्त सचिव बन ठगे 1 करोड़

फरीदाबाद। खुद को गृह मंत्रालय का संयुक्त सचिव बताकर एक शख्स ने करीब एक करोड़ रुपये ठग लिए। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसे कोर्ट में पेश करने के बाद नीमका जेल भेज दिया।

 

उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल कार, चेकबुक व संबंधित दस्तावेज बरामद कर लिए गए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी ने पीडि़त को चैरिटेबल हॉस्पिटल खोलने के लिए विदेश से 735 करोड़ रुपये का फंड दिलाने का झांसा दिया था।

 

यह है मामला
सेक्टर-48 स्थित सैनिक कॉलोनी निवासी राकेश जैन ने बताया कि जून-जुलाई 2016 में उनके संपर्क में सुवेंदु शेखर आचार्य नाम का शख्स आया था, जिसने खुद को भारत सरकार के गृह मंत्रालय का संयुक्त सचिव बताया था। साथ ही, खुद को चैरिटेबल हॉस्पिटल खोलने के लिए विदेशी फंड दिलाने की बात कही थी।

 

ऐसे में आरोपी ने चैरिटेबल अस्पताल खोलने की मंजूरी व विदेशों से 735 करोड़ रुपये का फंड मंजूर होने के फर्जी दस्तावेज तैयार कराने के बाद राकेश को सौंप दिए। वहीं, पीडि़त व उनके जानकार बलबीर सिंह निवासी मथुरा से अलग-अलग बैंक खातों में करीब 1 करोड़ रुपये डिपॉजिट करा लिए।

 

बताया जा रहा है कि इसके बाद आरोपी ने अपना फोन बंद कर लिया और परिवार सहित फरार हो गया। इस मामले में पीडि़त ने 14 मार्च 2017 को थाना एसजीएम नगर में केस दर्ज कराया था।

 

ओडिशा का है आरोपी
सुवेंदु शेखर आचार्य उर्फ मातरू प्रसाद सेठी ओडिशा का रहने वाला है। पुलिस को पता लगा कि आरोपी के खिलाफ थाना बाडबिल (ओडिशा) व मथुरा (उत्तर प्रदेश) में भी एक-एक केस दर्ज हैं। वहां की पुलिस को भी आरोपी के बारे में जानकारी दे दी गई है।

 

ऐसे बनाता था लोगों को शिकार
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, जांच में पता लगा कि आरोपी सुवेंदु शेखर 12वीं तक पढ़ा है, लेकिन वह खुद को संयुक्त सचिव, एफसीआरए ब्रांच गृह मंत्रालय, भारत सरकार में कार्यरत बताकर विदेशी सहायता प्राप्त करने के इच्छुक एनजीओ व ट्रस्ट के पदाधिकारियों से संपर्क करता था। आरोप है कि वह विदेशी फंड मंजूर होने के फर्जी दस्तावेज व फर्जी पहचान पत्र दिखाकर लालबत्ती का इस्तेमाल करके लोगों को झांसे में लेता था।

 

इसके बाद विदेशी फंड मंजूर कराने, फाइल चार्ज, सर्विस चार्ज व अपने कमीशन आदि के एवज में आरोपी अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करा लेता था और फरार हो जाता था। इस दौरान वह अपना मोबाइल नंबर भी बदल लेता था।