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घर-घर बिजली पहुंचाने के लिए अब ये है नई नीति

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नई दिल्ली। सरकार का हर घर तक बिजली पहुंचाने तथा सातों दिन 24 घंटे बिजली देने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए एनटीपीसी, पॉवर ग्रिड जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की सात प्रमुख कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष 2018-19 में 54,882.71 करोड़ रुपये के निवेश योजनाएं तैयार की हैं। हालांकि, यह राशि 2017-18 में हुए इन कंपनियों के वास्तविक निवेश 59,196.62 करोड़ रुपये से लगभग 7.28 प्रतिशत कम है।

सरकार का उद्देश्य
उल्लेखनीय है कि सरकार ने प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) के तहत बिजली से वंचित लगभग चार करोड़ घरों को 31 दिसंबर, 2018 तक बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने तथा मार्च, 2019 तक सातों दिन 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इससे जहां एक तरफ बिजली की बढ़ी मांग को पूरा करने के लिये बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन की आवश्यकता है वहीं दूसरी तरफ ट्रांसमिशन समेत इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत बनाने की जरूरत है।

क्या है योजना?
मंत्रालय से प्राप्त आंकड़ो के अनुसार चालू वित्त वर्ष में एनटीपीसी, पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, एनएचपीसी, समेत सार्वजनिक क्षेत्र की सात प्रमुख बिजली कंपनियों ने 2018-19 में 54,882.71 करोड़ रुपये के निवेश की योजनाएं बनाई हैं। यह 2017-18 में हुए वास्तविक निवेश 59,196.62 करोड़ रुपये से थोड़ा कम है।

देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी ने 2018-19 में 22,300 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव किया है। वहीं ट्रांसमिशन कंपनी पॉवरग्रिड कॉरपोरेशन आफ इंडिया लि. (पीजीसीआईएल) ने 25,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है।

बिजली मंत्रालय के साथ सहमति पत्र के अनुसार एनटीपीसी ने चालू वित्त वर्ष में 268 अरब यूनिट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। कंपनी फिलहाल देश भर में विभिन्न जगहों पर 21,000 मेगावाट से अधिक क्षमता की परियोजनाओं पर काम कर रही है। इसकी मौजूदा उत्पादन क्षमता 53,651 मेगावाट है।

कंपनी विभिन्न परियोजनाओं पर काम करने के साथ पुराने पड़ चुके थर्मल बिजलीघरों को पर्यावरण अनुकूल बनाने पर भी खर्च कर रही है। वहीं दूसरी तरफ नवरत्न ट्रांसमिशन कंपनी पॉवरग्रिड ने 2018-19 में 25,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है।

कुल 1,48,838 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन क्षमता वाली कंपनी ट्रांमिशन लाइन के विस्तार के साथ बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग केंद्र लगाने की दिशा में भी काम कर रही है।

किस बिजली कंपनी का कितना योगदान?
इसके अलावा पनबिजली कंपनी एनएचपीसी ने 3,341.70 करोड़ रुपये तथा भारत सरकार एवं हिमाचल प्रदेश सरकार की संयुक्त उद्यम एसजेवीएनएल ने चालू वित्त वर्ष में 935 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव किया है।

एनएचपीसी की वेबसाइट के अनुसार उसकी उत्पादन क्षमता 7,047 मेगावाट है। कंपनी ने 2022 तक इसमें 6,000 मेगावाट क्षमता जोडऩे का लक्ष्य रखा है। एसजेवीएन की उत्पादन क्षमता लगभग 1,970 मेगावाट है।

कुल 1,347 मेगावाट क्षमता की कंपनी नार्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पॉवर कॉरपोरेशन लि. (नीपको) ने 2018-19 में 400 करोड़ रुपये, केंद्र सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार की संयुक्त उद्यम टीएचडीसीआईएल ने 1,300.37 करोड़ रुपये तथा डीवीसी ने 1,605.64 करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य रखा है।

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