गीर अभ्यारण में लगातार बढ़ रही है शेरों की संख्या

अहमदाबाद। एक समय देश में एशियाई शेरों की संख्या में लगातार गिरावट हो रही थी। ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि इस शानदार जानवर की प्रजाति आने वाले समय में खत्म हो जाएगी।

 

तब ‘सेव द टाइगर’ का नारा दिया गया था। इनकी घटती संख्या को रोकने के लिए काफी कदम उठाए गए। अब एशियाई शेरों के संरक्षण के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का परिणाम नजर आने लगा है।

 

अमरेली जिले में एशियाई शेरों को तलाबों के किनारे पानी पीते और जंगल में घूमते हुए देखा जा सकता है। गुजरात में एशियाई शेरों के मशहूर गिर वन्यजीव अभयारण्य में ऐसा दृश्यों की भरमार है।

 

इन शेरों में ज्यादातर एक से दो साल के आयु वर्ग के हैं। गुजरात में शेरों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। जुलाई में वन विभाग द्वारा आंतरिक शेर की गिनती के अनुसार, आरक्षित वनों में करीब 650 शेर हैं और अमरेली, भावनगर और गिर-सोमनाथ जिले में राष्ट्रीय उद्यान के बाहर भी काफी शेर नजर आते हैं।

 

एक शीर्ष वन अधिकारी ने बताया, ‘गिर और इसकी परिधि में लगभग 650 शेरों की गिनती दर्ज की गई है। यह उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार 1936 के बाद से राज्य में शेरों की सबसे बड़ी संख्या है।

 

इनमें एक और दो साल की उम्र के करीब-करीब 180 शेर हैं।’ बता दें कि पिछले दो साल में 125 शेरों की गर्जन में वृद्धि हुई है। 2015 में हुई जनगणना में शेरों की संख्या 523 आंकी गई थी। तब से अब तक शेरों की संख्या में काफी वृद्धि हो गई है।

 

वैसे बता दें कि अब गिर वन्यजीव अभयारण्य में हर महीने पूर्णिमा के दिन शेरों की गिनती की जाती है। इस काम के लिए 100 सीसीटीवी लगाए गए हैं।

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