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ईको टूरिज्म: गंगा की लहरों पर सिर्फ दो हफ्ते ही उठा सकते हैं रोमांच

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ऋषिकेश। तीर्थनगरी के कौडिय़ाला-मुनिकीरेती ईको टूरिज्म जोन में गंगा की लहरों पर रोमांच का शौक रखने वालों के लिए अब दो सप्ताह का ही समय शेष रह गया है। मानसून काल में सुरक्षा को देखते हुए 30 जून को गंगा में राफ्टिंग बंद कर दी जाएगी। इसके बाद रोमांच के शौकीनों को एक सितंबर तक का इंतजार करना होगा।

कौडिय़ाला-मुनिकीरेती ईको टूरिज्म जोन साहसिक खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखता है। राफ्टिंग गतिविधि सबसे महत्वपूर्ण है। राफ्टिंग का लुत्फ उठाने के लिए तो प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। वीकएंड पर राफ्टिंग का लुत्फ उठाने के लिए पर्यटकों में मारामारी की स्थिति बनी रहती है।

राफ्टिंग का यह रोमांच गर्मियों के दिनों में अपने चरम पर रहता है। गंगा में रिवर राफ्टिंग का सत्र एक सितंबर से शुरू होकर 30 जून तक चलता है। मानसून काल में दो माह तक सुरक्षा की दृष्टि से राफ्टिंग को बंद कर दिया जाता है। कारण, इस बीच गंगा के जलस्तर में अत्याधिक वृद्धि हो जाती है और श्रेणी-दो और तीन के रेपिड भी श्रेणी-चार व पांच के बन जाते हैं।

जो आम पर्यटकों के लिए राफ्टिंग के अनुकूल नहीं होते। इस बार भी राफ्टिंग बंद होने में अब मात्र दो सप्ताह का समय ही बचा है। इसलिए राफ्टिंग का रोमांच महसूस करना है तो जल्द से जल्द चले आइए। राफ्टिंग व्यवसायी एवं गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति के सदस्य देवेंद्र रावत ने बताया कि फिलहाल गंगा का जलस्तर राफ्टिंग के लिए मुफीद है। जिससे इस सत्र में 30 जून तक राफ्टिंग सुचारू रूप से चलने की संभावना है।

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