दीपावली के बाद होगा ऑल वेदर रोड़ का निर्माण कार्य शुरू

रुद्रप्रयाग बाईपास से मुनकटिया तक पांच जॉबों में होगा हाईवे का विस्तार,ऑल वेदर रोड़ संघर्ष समिति के पदाधिकारी मिले एनएच के अधिशासी अभियंता से

रुद्रप्रयाग। राष्ट्रीय राजमार्ग ऑल वेदर रोड़ संघर्ष समिति ने आठ सूत्रीय मांगों के संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग खण्ड के अधिशासी अभियंता से मुलाकात कर वार्ता की। अधिशासी अभियंता प्रवीन कुमार से मिले संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश बैंजवाल, उपाध्यक्ष वृजभूषण वशिष्ठ, सचिव शत्रुघ्न सिंह नेगी, सह सचिव उमा प्रसाद भटट, संयोजक विक्रम सिंह कंउारी, सह संयोजक हर्षवर्धन बैंजवाल ने कहा कि अधिशासी अभियंता ने बताया है कि चार धाम यात्रा मार्ग के चौड़ीकरण के तहत सात पैकेज बनाये गये हैं। जिसमें पैकेज नम्बर छह रुद्रप्रयाग बाईपास से मुनकटिया तक का है और इस पैकेज के अंतर्गत पांच जाब बनाये गये हैं।

 

पहला जॉब 112 करोड़ की लागत का है जो रुद्रप्रयाग बाईपास से थाना अगस्त्यमुनि तक है और इसे आरजीबी कंपनी ने लिया है। 318 करोड़ की लागत का दूसरा जॉब थाना अगस्त्यमुनि से काकड़ागाड़ तक है और इसके अंतर्गत पार्ट गुप्तकाशी से फाटा तक है, जिसकी फाइल गृह मंत्रालय में स्वीकृति के लिये गई है। 203 करोड़ की लागत के जॉब तीन के अंतर्गत कुंड बाईपास का निर्माण होना है, लेकिन अभी यह स्वीकृत नहीं हुआ है।

 

69 करोड़ के चौथे जाब में फाटा से सीतापुर तक हाईवे का निर्माण होना है। 117 करोड़ के पांचवे जॉब के अंतर्गत सीतापुर से मुनकटिया तक हाईवे का निर्माण होना है। उन्होंने बताया कि दिवाली के शीघ्र बाद हाईवे का चौड़ीकरण शुरू हो जायेगा। हाईवे चौड़ीकरण से प्रभावित होने वाले लोगों की मुआवजा धनराशि 54 करोड़ रूपये एडीएम के खाते में आ चुके हैं और तीस करोड़ आने बाकी हैं। बताया कि एनएच ने सिर्फ स्टक्चर का मुआवजा बनाया है, जिसे जिला प्रशासन को भेजा गया है और जमीन का मुआवजा प्रशासन द्वारा तैयार किया जा रहा है।

 

जो लैंड सड़क ट्रांसफर हुई है, उसके किनारे से ही चौड़ीकरण का कार्य किया जायेगा और व्यापारियों के प्रभावित होने पर ट्रांसपोर्ट की अतिरिक्त भत्ता राशि दी जायेगी। साथ ही व्यापारी की दुकान का सत्यापन, निरीक्षण कर आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। सरकारी भूमि पर बने भवन स्वामियों के लिये किसी भी प्रकार की सहायता का प्रावधान नहीं है।

 

आबादी क्षेत्र में चौड़ीकरण कार्य केवल 12 मीटर ही किया जायेगा। आबादी से बाहर 18 मीटर से 24 मीटर तक चौड़ीकरण का कार्य होगा। जमीन का ग्रामीण क्षेत्र में चार गुना, शहरी क्षेत्र में दो गुना धनराशि सर्किल रेट के अनुसार दी जायेगी, न कि भवन स्वामियों को भवन का दो गुना या चार गुना मुआवजा दिया जायेगा। भवन की जो सर्किल रेट के आधार पर धनराशि निकलेगी, वहीं मिलेगी।

 

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 15 अक्टूबर को अगस्त्यमुनि में हाईवे निर्माण से प्रभावित होने वाले सभी व्यापारियों की बैठक बुलाई गई है।