udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news दर्दनाक हादसाः पहाड़ी से गिरी बस, 48 लोगों की मौत

दर्दनाक हादसाः पहाड़ी से गिरी बस, 48 लोगों की मौत

लीमा । पेरू में डेविल्स कर्व के नाम से दुर्घटना संभावित क्षेत्र में एक ट्रक से टकराने के बाद एक बस पहाड़ी से नीचे गिर गई है। इस हादसे में कम से कम 48 लोग मारे गए। अधिकारियों ने बताया कि बस हुआचो से 55 यात्रियों को लेकर लीमा आ रही थी। उसी दौरान हादसा हुआ। बस पहाड़ी से 100 मीटर नीचे गिरी और समुद्र किनारे चट्टानों पर पलट गई।

गृह मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर पोस्ट किया है कि, टना में कम से कम 48 लोग मारे गए हैं। पहले अधिकारियों ने 36 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की थी। पुलिस का कहना है कि ज्वार-भाटा और लहरों के बस तक पहुंचने के कारण रात में शवों को निकालने का काम बंद कर दिया गया था। पुलिस हेलीकॉप्टर ने कुछ बचावकर्मियों को सीधे बस के पास उतारा, जबकि अन्य को पैदल ही वहां तक पहुंचाया गया। हादसे में कई लोग सुरक्षित भी बचे हैं।

बस को ओवरटेक कर रही बस ट्रॉले से टकराई, 11 की मौत
राजस्थान सीकर के पास बुधवार को नेशनल हाईवे 52 पर बस को ओवरटेक कर रही एक बस सामने से आ रहे ट्रोले से टकरा गई जिससे 11 लोगों की मौत हो गई। हादसा इतना भीषणा था कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। बस बुरी तरह तहस-नहस हो गई। बस के परखच्चे उड़ कर सडक़ पर बिखर गए। हादसे में 21 लोग घायल हुए हैं जिनमें से पांच की हालत नाजुक बनी हुई है। दो बसें सरदारशहर से जयपुर जा रही थीं।

सीकर के पास रोलसाहबसर व फतेहपुर के बीच नेशनल हाईवे 52 पर लोक परिवाहन की बस ने आगे चल रही बस को ओवरटेक किया। तेजी से ओवरटेक करते ही सामने से एक ट्रोला आ गया। दोनों में जबरदस्त भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषणा था कि बस के परखच्चे उड़ गए। बस पूरी खुल गई और उसमें सवार लोग सडक़ पर आ गए। हादसा होते ही चीख-पुकार मच गई। वहां से गुजर रहे वाहन चालक मदद को आए तथा पुलिस को फोन किया। थोड़ी देर में पहुंची पुलिस ने घायलों को पास के अस्पताल पहुंचाया। हादसे में 21 लोग घायल हुए जिनमें पांच को सीकर रेफर कर दिया गया।00

 ईरान में प्रदर्शन के दौरान 21 की मौत, सैकड़ों गिरफ्तार
ईरान के सर्वोच्च नेता ने देश में हाल की अशांति के लिये देश के दुश्मनों को जिम्मेदार ठहराया। इस दौरान हुई हिंसा में 21 लोग मारे गये जबकि सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस इस्लामिक राष्ट्र के समक्ष हाल के दिनों में सामने आयी यह सबसे बड़ी चुनौती है। प्रसारित बयान में अयातुल्लाह अल खमैनी ने कहा, दुश्मन एकजुट हो गये हैं और रुपये, हथियार, नीतियां और सुरक्षा सेवाओं समेत सभी तरीके अपना रहे हैं जिससे इस्लामिक राष्ट्र में समस्या खड़ी की जा सके।

ईरानी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन और सऊदी अरब में बनाये गये ऑनलाइन अकाउंटों से प्रदर्शनों को भडक़ाया जा रहा है। सरकारी टेलीविजन ने आज बताया कि मध्य प्रांत इस्फहान के काहदेरीजान शहर में एक पुलिस थाने पर हुए हमले के बाद हिंसा भडक़ उठी जिसमें छह प्रदर्शनकारी मारे गए।इस्फहान शहर के समीप रेवोल्यूशनरी गाडर्स के एक सदस्य और वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति के भी मारे जाने की खबर है। सरकारी टेलीविजन ने पहले ही नजफाबाद में एक पुलिसकर्मी की मौत की पुष्टि की थी।

दूसरे बड़े शहर मसहद से शुरू हुई हिंसा में पांच दिन की अशांति के दौरान करीब 21 लोगों के मारे जाने की खबर है और वर्ष 2009 में जन प्रदर्शनों के बाद से इसे इस्लामिक सरकार के लिये सबसे बड़ी चुनौती बताया। खमैनी ने कहा, दुश्मन हमेशा अवसर की तलाश में रहता है और ईरानी राष्ट्र में घुसपैठ और वहां हमला करने के लिये मौके ताड़ता रहता है। यह विरोध नेतृत्वहीन है और प्रांतीय शहरों और कस्बों में केंद्रित है, तेहरान में बीती शाम छोटे और छिटपुट प्रदर्शनों की खबरें आईं।

यहां बीती शाम पुलिस का भारी बंदोबस्त देखने को मिला।हिंसा के बढऩे के साथ ही अधिकारियों ने गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ा दी है। शनिवार से तेहरान में कम से कम 450 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसके साथ ही इस्फहान शहर में सोमवार को 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें सीधे हस्तक्षेप करने का अनुरोध नहीं किया गया है लेकिन वे जनता से अनुरोध करते हैं कि देशद्रोही तत्वों के बारे में जानकारी दें।

सरकारी टेलीविजन पर गाडर्स की स्थानीय शाखा के एक उप कमांडर इस्माइल कोवसारी ने कहा, हम तेहरान में किसी भी तरीके की असुरक्षा को बरकरार रखने की इजाजत नहीं दे सकते। अगर यह जारी रहता है तो अधिकारी इसे खत्म करने के बारे में फैसला लेंगे। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली शम्खानी ने इस अशांति को वर्ष 2009 के प्रदर्शनों के बाद से सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए इसे ईरान के लोगों के खिलाफ छद्म युद्ध बताया।

उन्होंने स्थानीय मीडिया से कहा, ईरान में स्थिति के बारे में हैशटैग और संदेश अमेरिका, ब्रिटेन और सऊदी अरब से आए।राष्ट्रपति हसन रुहानी ने इस प्रदर्शनों को तवज्जो नहीं दी है। रुहानी ने राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट पर एक बयान में कहा, यह कुछ नहीं है। हमारा देश उन कुछेक लोगों से निपटेगा जो कानून और लोगों की आकांक्षाओं के खिलाफ नारे लगाते हैं और आंदोलन की पवित्रता तथा मूल्यों का अपमान करते हैं।

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