udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news चुनाव से पहले मोदी की गुजरात को 650 करोड़ की सौगात

चुनाव से पहले मोदी की गुजरात को 650 करोड़ की सौगात

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नई दिल्ली । समुद्री तट को देश की उन्नति और समृद्धि का प्रवेश मार्ग बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि पिछले दशकों में केंद्र सरकारों ने समुद्री क्षेत्र के विकास पर ध्यान नहीं दिया और जहाजरानी एवं बंदरगाह क्षेत्र भी उपेक्षित रहा। हमारी सरकार ने समुद्री क्षेत्र में सुधार एवं जल आधारभूत संरचना के विकास के लिए ‘‘सागरमाला’’ परियोजना और 106 राष्ट्रीय जल मार्गो के निर्माण का कार्य शुरू किया है। 45 मिनट से अधिक के संबोधन में अपने मुख्यमंत्रित्व काल और भाजपा सरकार के कार्यकाल में गुजरात के विकास की दिशा में उठाए गए कार्यो का बिन्दुवार ब्यौरा दिया।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को गुजरात के भावनगर में घोघा से भड़ौच के दाहेज तक खंबात की खाड़ी में समुद्री परिवहन की श्रोल ऑन–रोल ऑफ (रो-रो) फेरी सर्विस योजना के पहले चरण का उद्घाटन किया। इससे इन स्थानों की 310 किमी की सडक़ मार्ग से दूरी समुद्री रास्ते से मात्र 30 किमी हो गई। पीएम मोदी ने इस फेरी सर्विस को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट करार दिया था।

 

पीएम इसके शुभारंभ के बाद घोघा में सभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री के गुजरात दौरे पर शनिवार को आधिकारिक बयान जारी किया गया। इसमें कहा गया है, कि इस फेरी सेवा (रॉल-ऑनध्रॉल-ऑफ) से सौराष्ट्र के घोघा और दक्षिण में स्थित दाहेज की दूरी एक घंटे से कुछ ज्यादा समय में पूरी कर ली जाएगी। फिलहाल लोगों को सात-आठ घंटे लगते हैं। सेवा के पूर्ण रूप से अमल में आने पर इससे वाहन भी गुजर सकेंगे।

 

क्या है रो-रो सेवा
जैसा कि नाम से ही साफ है कि किसी सामान को लादना और फिर उसे उतारना। इसमें जहाजों को इस तरह से तैयार किया जाता है, जिनमें कारों, ट्रकों, सेमी-ट्रेलर ट्रकों, ट्रेलर्स और अन्य चीजों को लादा जा सकता है। इसके अलावा लोग भी इसमें सफर कर सकते हैं। यह लिफ्ट ऑन सर्विस से ठीक उलट है, जिसमें क्रेन से किसी सामान को उठाया जाता है और दूसरे स्थान पर रखा जाता है। रो-रो सेवा के लिए जहाजों को इस तरह से तैयार किया जाता है कि बंदरगाहों पर इनमें सामानों को आसानी से लादा जा सके और उतारा जा सके।

 

भावनगर के घोघा और भरूच के दहेज के बीच 650 करोड़ रुपए की रोल-ऑन रोल ऑफ (रो-रो) फेरी सेवा के पहले चरण का शुभारंभ के जरिए सिर्फ यात्री ही नहीं, बल्कि वाहन और माल की ढुलाई भी हो सकेगी। इसमें जो बोट रहेगी, उसमें 150 बड़े वाहनों की ढुलाई और करीब 1000 लोग एकसाथ यात्रा कर सकेंगे। यह पूरा प्रोजेक्ट गुजरात मैरिटाइम बोर्ड ने तैयार किया है।

 

31 किलोमीटर में सिमटी 310 किमी का सफर
पीएम मोदी ने सौराष्ट्र के भावनगर जिले में स्थित घोघा बंदरगाह से रोल ऑन-रोल ऑफ सेवा के जरिए भरुच जिले तक करीब एक घंटे में पहुंचा जा सकेगा। इससे गुजरात के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। समुद्री रास्ते की बात करें तो भावनगर का घोघा दूसरी तरफ स्थित भरुच के दाहेज से करीब 31 किलोमीटर की दूरी पर है।

 

सडक़ मार्ग से यह सफर 310 किलोमीटर का था, जिसे तय करने में 8 से 9 घंटे तक लगते थे। यह भारत में अपनी तरह की पहली सेवा है। इससे एक जहाज यानी फेरी पर 100 वाहन (कार, बस और ट्रक) और 250 यात्री सफर कर सकेंगे। आमतौर पर समुद्र में लंबे सफर पर जाने वाले जहाजों के लिए रो-रो टर्म का इस्तेमाल किया जाता रहा है।

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