udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news चैत्र नवरात्रि  : 30 साल बाद बना अनोखा शुभ योग !

चैत्र नवरात्रि  : 30 साल बाद बना अनोखा शुभ योग !

उदय दिनमान डेस्कः चैत्र नवरात्रि  : 30 साल बाद बना अनोखा शुभ योग ! इस बार नवरात्रि में 30 साल बाद ऐसा योग बना है, जिसमें मंगल एवं शनि धनु राशि में हंै।  इस चैत्र नवरात्रि में खरीदे गए घर और संपत्ति सभी राशियों के लिए फायदा देने वाले होंगे.

ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार इन दोनों ग्रहों के गुरु के स्वामित्व में होने से यह अपनी परस्पर शत्रुता को भी नजरअंदाज करते हैं। इससे खरीदी गई संपत्ति में वृद्धि होती है। यह योग सभी राशियों के लिए फायदा देने वाला है। नवरात्रि में कोई भी वस्तु, मकान, दुकान, प्लॉट और फ्लैट की खरीदारी सुख देने वाली होती है।

इस पर्व के तो सभी दिन शुभ हंै, पर 18, 20 और 21 मार्च को सर्वार्थ सिद्धि योग भी है। 20 मार्च को अमृत सिद्धि योग भी है। इसके अलावा दिन भी मंगलवार है। मंगल भूमि का कारक ग्रह होने से यह दिन सर्वथा अनुकूल है। नवरात्रि की प्रतिपदा को ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की शुरुआत की थी।

अबूझ मुहूर्त होेने से पर्व के सभी दिन कोई शुभ कार्य (विवाह को छोड़कर) कर सकते हैं। इसी नवरात्रि में भगवान विष्णु के मत्स्यावतार एवं श्रीराम का जन्म हुआ था। इसलिए भी इसमें ली गई संपत्ति शुभ फल देने वाली होती है।

इस बार नवरात्रि की शुरुआत मीन लग्न से होगी। नक्षत्र उत्तरभाद्रपद होगा, जिसके स्वामी शनि एवं लग्न का स्वामी गुरु होगा। पर्व का समापन भी मीन लग्न से ही होगा। नक्षत्र रेवती रहेगा, जिसके स्वामी होंगे बुध एवं राशि स्वामी पुन: गुरु होंगे। इसलिए इस दौरान की गई खरीदी स्थायित्व एवं पूर्णकालिक लाभ प्रदान करने वाला होगी।

वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ स्थिर लग्न होते हैं। इनमें खरीदा गया सामान स्थिर रहता है। नवरात्रि में यह समय हर दिन सुबह 9 से 11, वृषभ स्थिर लग्न एवं दोपहर 3.30 से शाम 5.15 तक रहेंगे। इस समय को ध्यान में रखकर खरीद-फरोख्त की जा सकती है।नवरात्रि की शुरुआत और समापन मीन लग्न से, इसलिए खरीदी स्थायित्व देने वाली रहेगी

नवरात्रि में भूमि-भवन और संपत्ति खरीदने के पीछे एक बहुत अच्छी वजह है। दरअसल ये सृष्टि पंचतत्वों से बनी है। अग्नि, वायु, जल, आकाश और भूमि। सनातन परंपरा में पंचदेव पूजन किया जाता है। ये पंचदेव हैं सूर्य, शिव, गणेश, विष्णु और दुर्गा। ये पांच देव ही इन पांच तत्वों के स्वामी हैं।

सूर्य अग्नि, शिव वायु, गणेश जल, विष्णु आकाश और देवी दुर्गा भूमि की देवी हैं। नवरात्रि में देवी की आराधना ही होती है। अगर नवरात्रि में देवी के आधिपत्य वाले तत्व यानी भूमि में निवेश करेंगे तो ये निश्चित ही लाभकारी होगा। पूरे मन से देवी की आराधना करने, भूमि का पूजन करने से काफी लाभ हो सकता है। देवी की आराधना करके ली गई स्थायी संपत्ति दीर्घकालीन लाभ देने वाली होती है।

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