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 भूख का तांडव: झारखंड में बच्ची के बाद भूख से रिक्शा चालक की मौत !

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देश बदल रहा है या फिर बदल गया ! ये डिजीटल इंडिया है मेरी जान, देश में भरपेट भोजन मिले या ना मिले आधार जरूरी !वह भी खासकर आम जन के लिए!

उदय दिनमान डेस्कः भूख का तांडव: झारखंड में बच्ची के बाद भूख से रिक्शा चालक की मौत !ये डिजीटल इंडिया की वह तस्वीर है जो मीडिया के माध्यम से बाहर आयी है। देश में भरपेट भोजन मिले या ना मिले आधार जरूरी है। बिना आधार के इंडिया में अब जीवन मौत के समान है। अभी तक आयी कुछ खबरों से तो यही लग रहा है।

 

आपको बता दें कि कुछ दिन पूर्व उदय दिनमान ने आधार कार्ड राशन कार्ड से लिंक न होने के कारण एक महिला को राशन नहीं मिला और भूख से उस महिला की बच्ची की मौत हो गयी। फिर अएक ऐसा ही मामला सामने आया है अबकी बार रिक्शा चालक ने भूख से दम तोड दिया; यह मामला झारखंड प्रदेश का है। जो खबरे आयी अभी तक उन्हीं राज्य में ऐसा हुआ हम यह नहीं मान सकते। आधार लिंक न हाने के कारण न जाने अभी तक कितनी मौते हो गयी होंगी। मीडिया में खबर नहीं आयी तो किसी को पता नहीं चल सका। झारखंड से खबर आ गयी तो पूरे देश को पता चल गया हकि ऐसा भी होता है।

 

जैसा कि आपको पता है कि झारखंड के सिमडेगा में भूख से मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि धनबाद के झरिया में एक रिक्शा चालक की भूख से मौत हो गई है. बताया जाता है कि 40 वर्षीय बैजनाथ दास के घर में अनाज का एक दाना भी नहीं था, भोजन नहीं मिलने के कारण वह बीमार हो गया था.दास की मौत की सूचना के बाद झारखंड प्रशासन ने राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत 20 हजार रुपये का चेक पत्नी को सौंपा है. राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

 

उल्लेखनीय है कि पहले तो भूख ने उससे उसकी बच्ची छीन ली और अब गांव वाले भी उसे गांव से बाहर जाने को कह रहे हैं।बता दें कि झारखंड के सिमडेगा जिले के एक गांव में 28 सितंबर को भूख के कारण मौत का शिकार हुई 11 साल की बच्ची की मां कोयली देवी को उसके गांव से बाहर निकाल दिया गया है.खबरों के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने महिला पर गांव की बदनामी करने का आरोप लगाया है. डरी सहमी महिला ने बाद में पंचायत घर में आश्रय लिया है. सिमडेगा जिला प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों से मामले की जांच करने को कहा है.

कोयली देवी को मिल रही धमकियों पर झारखंड के खाद्य मंत्री सरयू राय ने कहा कि अगर कोई भी कोयली देवी को धमकाता है, तो उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा. हमने सुनिश्चित किया है कि उन्हें अब कोई समस्या न हो.कोयली देवी की सुरक्षा के लिए पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं. कोयली का आरोप था कि गांव वाले उन्हें गालियां दे रहे हैं और धमका रहे हैं.खाद्य सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर काम कर रहे एक संगठन द्वारा 15 अक्टूबर को खबर दिखाने के बाद मामला सामने आया था.

 

बच्ची की मां ने एक बयान में कहा था कि उसकी बेटी की मौत भूख के कारण हुई है. साथ ही उसके परिवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत दुकानदार ने खाद्य अनाज नहीं दिया क्योंकि उसका आधार कार्ड, राशन कार्ड से जुड़ा हुआ नहीं था.सिमडेगा जिला प्रशासन ने अब तक कहा है कि बच्ची संतोषी मलेरिया से पीड़ित थी और उसी बीमारी के कारण उसकी मौत हुई है.

 

राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने हालांकि दावे को खारिज कर दिया है.झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मंगलवार को सिमडेगा जिले का दौरा किया था और उपायुक्त मंजुनाथ भजनतरी से कथित तौर पर भूख से हुई मौत के मामले में विस्तृत जांच रपट की मांग की थी.बच्ची की मौत के बाद राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि पीडीएस दुकानों पर खाद्य अनाज पहचान पत्र दिखाकर वितरित किया जाएगा.

 

मेरा देश बदल गया है अगर खबर मीडिया में आ गयी तो सभी को पता चल जाता है और नहीं आयी तो देश बदल रहा है। आपको बता दें कि नोटबंदी से लेकर अब तक सरकार ने कई बदलाव किए है। जो शायद सिर्फ गरीबों पर ही लागू हो रहे हैं। इस बात को पुख्ता झारखंड में हुई मौते और उनके पीछे का कारण साफ दर्शाता है कि यही सही है और इस देश में भरपूेट भोजन मिले या ना मिले आधार जरूरी है।आप खुद ही सोचिए कि क्या वास्तव में मेरा देश बदल रहा ळै या फिर बदल गया।

यहां आपको बता दें कि भूख से मौत का एक मामला उत्तराखंड राज्य से भी मीडिया के माध्यम से बाहर आया था, लेकिन बाद में उसकी लीपापोती कर मामले को दबा दिया गया। यहीं हाल देश के हर कौने में होता आ रहा है और होता आएंगा।

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