भयावह : दम घुटने से 180 लोगों की मौत ! हजारों लोग प्रभावित !

सीरिया: भयावह: दम घुटने से 180 लोगों की मौत ! हजारों लोग प्रभावित ! सीरिया में विद्रोहियों का गढ़ समझे जाने वाले पूर्वी गौता प्रांत में विद्रोहियों के एकमात्र कब्जे वाले दौमा शहर में हुए संदिग्द्ध रासायनिक हमले में 180 लोगों की मौत हुयी है। अस्पताल में कई ऐसे लोगों को लाया गया जिनके मुंह से झाग निकल रहे थे।

सीरिया के पूर्वी गौता प्रांत में वद्रोहियों के एकमात्र कब्जे वाले दौमा शहर में हुए संदिग्द्ध रासायनिक हमले में कम से कम 70 लोगों की दम घुटने से मौत हो गयी और हजारों लोग प्रभावित हो गए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। स्वयंसेवी राहत एवं बचाव बल ‘व्हाइट हेल्मेट’ के प्रमुख आर-अल शाह ने ट्वीट करके कहा कि कई लोगों के शव बेसमेंट पर पड़े हुए हैं और कई लोगों को रासायनिक हमले के प्रभाव के कारण तड़पते हुए देखा जा सकता है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि संदिग्द्ध रासायनिक हमला बेहद भयावह है। अगर यह साबित हो जाता है कि यह रासायनिक हमला है तो विश्व समुदाय द्वारा तुरंत कार्रवाई करने की मांग की जाएगी। गौता के विरोधियों के समर्थन वाले गौता मीडिया सेंटर ने दावा किया कि एक हेलीकॉप्टर से बैरल बम फेंका गया जिसमें टैक्सिक नर्व एजेंट ‘सरीन’ था। संस्था की प्रवक्ता ने कहा कि इस हमले में 180 लोगों की मौत हुयी है। अस्पताल में कई ऐसे लोगों को लाया गया जिनके मुंह से झाग निकल रहे थे।

सरकार पर विद्रोही बस्तियों पर रासायनिक हमलों के आरोपों के बीच सरकारी समाचार एजेंसी ‘साना’ ने कहा कि दौमा में जैश-ए-इस्लाम का कब्जा है और वह मिटने की कगार पर है। उसकी मीडिया शाखाएं अरब सेना को रोकने के असफल प्रयास के तहत रासायनिक हमले की खबरें फैला रही हैं। पिछले हफ्ते भी सीरिया में विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इदलिब शहर में संदिग्ध रासायनिक हमले हुए थे जिसमें 11 बच्चों समेत कम से कम 58 लोगों की मौत हो गई है और 12 से अधिक लोग ज़ख़्मी हुए थे।

यूरोपीय संघ ने कहा था कि इस संदिग्ध रासायनिक हमले की ज़म्मिेदारी सीरियाई सरकार की है। फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की थी और तुर्की ने रूस से बातचीत में ये मामला उठाया था। सीरीयाई सरकार लगातार रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल से इंकार कर रही है।

अगर ये साबित हो जाता है कि ये रासायनिक हमले थे तो सीरिया में गृहयुद्ध छिड़ने के छह सालों में ये दोनों सबसे घातक रासायनिक हमले होगें। राष्ट्रपति बशर अल असद के विरोधियों की स्थानीय कोऑर्डिनेशन कमेटियों के नेटवर्क ने उन लोगों की तस्वीरें पोस्ट की थी जिनकी मौत दम घुटने से हुई बताई जा रही है।

सीरिया सरकार ने दौमा में चल रहे युद्ध में सीरियाई सैनिकों द्वारा रासायनिक गैस के इस्तेमाल के विद्रोहियों के आरोपों को खारिज करते हुए उसकी निंदा की है। वहीं एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि सरकारी बलों को अपने लक्ष्य से भटकाने के लिए इस्लाम सेना की मीडिया शाखा ने सीरियाई सेना द्वारा रासायनिक हथियारों के उपयोग की मनगढ़ंत बात कही है। सूत्र ने कहा कि सीरिया की सेना बिना किसी प्रकार की रासायनिक सामग्री का इस्तेमाल किए तेजी से बढ़ती जा रही है।

 

पूर्वी घोउटा के दोउमा में 11 लोग सांस लेने की समस्या से ग्रसित हैं.दोउमा पर कब्जा जमाने वाले इस्लामी धड़े जैश अल – इस्लाम के साथ रूस के बातचीत शुरू करने के बाद बमबारी थम गयी थी और करीब 10 दिन तक सैन्य अभियान को रोक दिया गया था.ब्रिटेन स्थित मानवाधिकार निगरानी संस्था ‘ सीरियन ऑबजर्वेट्री फॉर ह्यूमन राइट्स ’ के अनुसार इस सप्ताह बातचीत की प्रक्रिया बाधित हो जाने के बाद शुक्रवार को फिर से हवाई हमले शुरू हो गये , जिसमें 40 नागरिकों की मौत हो गयी.

संस्था ने बताया कि शनिवार को ऐसे ही हमलों में आठ बच्चे सहित 30 नागरिक मारे गये थे. दोउमा में एक युवा डॉक्टर ने बताया, ‘‘बमबारी अभी रुकी नहीं है. हमलोग सभी घायलों की गिनती भी नहीं कर सकते.

गौरतलब है कि ये हमले इस्लामिक ग्रुप जैश-अल-इस्लाम के साथ रूस की बातचीत शुरूी करने के बाद रुक गए थे, लेकिन कहा जा रहा है कि सीरिया के घोउता में काबिज इस इस्लामिक ग्रुप को हटाने के लिए उस पर दबाव बनाने के मकसद ये हमले फिर से शुरू हो गए हैं।

सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के अनुसार, इस हफ्ते बातचीत की प्रक्रिया बाधित हो जाने के बाद शुक्रवार को फिर से हवाई हमले शुरू हो गए, जिसमें 40 नागरिकों की मौत हो गई।

 

इस संस्था ने बताया कि शनिवार को ऐसे ही और हमले हुए, जिनमें 8 बच्चों समेत 30 नागरिक मारे गए। दोउमा में एक युवा डॉक्टर ने बताया कि बमबारी अभी रुकी नहीं है और घायलों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।

PropellerAds