भगवान नृसिह 18 अप्रैल को नए घर में ही विराजेंगे

चमोली। भगवान नृसिंह बदरी 18 अप्रैल को अपने नए घर में विराजमान होंगे। इसके लिए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने तैयारियां पूरी कर दी हैं।

 

नवनिर्मित नृसिंह मंदिर को 108 किलो गेंदे के फूलों से सजाया जा रहा है। दिल्ली के एक भक्त ने भगवान नृसिंह के लिए चांदी का भव्य सिंहासन दान किया है। लेकिन, सिंहासन निर्माण में देरी के चलते भगवान नृसिंह को गर्भगृह में जमीन पर ही विराजित किया जाएगा।

 

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने जोशीमठ में भगवान नृसिंह के मंदिर का जीर्णोद्धार किया है। भगवान के लिए दिल्ली के एक भक्त ने चांदी का सिंहासन दान किया है। 71 किलो वजनी इस सिंहासन का निर्माण मथुरा में किया जा रहा है।

 

लेकिन, निर्माण में विलंब के चलते फिलहाल भगवान नृसिंह को गर्भगृह में जमीन पर ही विराजित होना पड़ेगा। उनके साथ उद्धवजी, कुबेरजी, देवी चंडिका, श्रीराम, श्री लक्ष्मण, देवी सीता व गरुड़ महाराज भी गर्भगृह में विराजमान होंगे।

 

इसके अलावा मथुरा के एक भक्त ने मां लक्ष्मी को भी दो किलो वजनी चांदी का सिंहासन दान किया है। सिंहासन जोशीमठ पहुंच चुका है। 18 अप्रैल को भगवान नृसिह के गर्भगृह में जाने के बाद इस सिंहासन पर मां लक्ष्मी को विराजित किया जाएगा।

 

भक्त की ओर से मां को सोने व चांदी के छत्र भी दान किए गए हैं।नृसिंह मंदिर में भगवान के प्रवेश को लेकर मंदिर समिति तैयारियों में जुटी है।

 

समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि गर्भगृह प्रवेश समारोह में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सदस्यों, विधायकों व पूर्व विधायकों को भी आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा माता मंगला व भोले महाराज भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

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