बीमारियां : इस साल बढ़ेगा मच्छरों का आतंक, एक्सपर्ट्स की राय

नई दिल्ली । राजधानी को भले ही अप्रैल में गर्मी से थोड़ी राहत मिल गई हो लेकिन मच्छरों के आतंक से जल्द राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। अप्रैल में ही शहर में 25 डेंगू और 8 चिकनगुनिया के केस रिकॉर्ड हो चुके हैं।

 

एक्सपर्ट्स का मानना है कि मॉनसून शुरू होने से पहले ही इस साल मच्छरों से होने वाली बीमारियां बढ़ेंगीं। उन्होंने बताया कि इस बार काफी लंबे समय तक सर्दियों में पारा 16 डिग्री से नीचे नहीं गिरा, जिस कारण मच्छरों के प्रजनन और वायरस ट्रांसमिशन में कोई बाधा नहीं आई।

 

दिल्ली एनसीआआर के आरडब्ल्यूए संगठन के जनरल सेक्रटरी चेतन शर्मा ने कहा कि मच्छरों का आतंक इस साल न सिर्फ समय से पहले शुरू हो चुका है बल्कि यह इस बार अधिक गंभीर भी है। उन्होंने कहा, कई इलाकों में फॉगिंग नहीं हुई है। मच्छरों पर लगाम लगाने के सभी ऐक्शन केवल कॉर्पोरेशन की फाइलों में हुए हैं।

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को सरकार को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार मच्छरों से होने वाली बीमारियों से निपटने को लेकर असंवेदनशील है। दिल्ली के एलजी अनिल बैजल ने शुक्रवार को मीटिंग बुला जाना कि सरकार मच्छरों के आतंक से निपटने के लिए कितना तैयार है।

 

एमसीडी का कहना है कि दिल्ली में बीमारियां कंट्रोल में हैं और लोगों को डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि दिल्ली के अस्पतालों में अधिकतर मामले बाहर से इलाज कराने आए वालों के हैं। उत्तर एमसीडी के एक अधिकारी ने बताया, मच्छरों की बढ़ी हुई जनसंख्या उस प्रजाति की नहीं है जिससे डेंगू या चिकनगुनिया होता है।

 

दक्षिण एमसीडी के अधिकारियों का कहना है कि मच्छरों से निपटने वाला अपना प्लान उन्होंने दो महीने पहले ही शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस बार 2 नए इंसेक्टिसाइड्स लाए गए हैं जिससे मच्छरों पर काबू पाया जा सकेगा।

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