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बर्फबारी: जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद,ओले गिरने से 9 की मौत !

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नई दिल्ली. बर्फबारी: जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद,ओले गिरने से 9 की मौत ! जम्मू-कश्मीर में फिर एकबार बर्फबारी शुरू हो गई है, जिसकी वजह से जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद हो गया है। उधर, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में  ओले और बिजली गिरने से फसलों 9 लोगों की मौत हो गई। कई मवेशियां मारी गई हैं। सर्दी का असर बढ़ गया है।

 

जम्मू-कश्मीर के मैदानी इलाकों में करीब दो महीनों तक मौसम शुष्क रहने के बाद सोमवार को बारिश हुई, जबकि ऊंचाई वाले स्थानों में सामान्य से भारी बर्फबारी हुई। घाटी में लगातार हो रही बर्फबारी की वजह से जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई है।
ऑफिसर्स के मुताबिक, “बर्फबारी थमने के बाद रोड और हाईवे से बर्फ हटाने का काम शुरू किया जाएगा।” बता दें कि वेदर डिपार्टमेंट ने रविवार को बारिश और बर्फबारी को लेकर एडवाइजरी जारी की थी।

 

भोपाल, सीहोर, विदिशा, होशंगाबाद सहित कई जिलों में गेहूं की फसल गिर गई। चने पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई।  भोपाल में आंधी से गिरे पेड़ की चपेट में आकर 40 साल के सिक्युरिटी गार्ड मांगीलाल मालवीय की मौत हो गई।  भिंड, मुरैना और छतरपुर में बिजली गिरने से 5 लोगों की और छिंदवाड़ा में 12 गायों की जान चली गई।

 

बारिश और ओले से चने की फसल में फूल से फल बनने की प्रॉसेस रुक जाएगी। पकने को तैयार गेहूं की फसल पर दाना पतला हो जाएगा और रंग खत्म हो जाएगा। इस मौसम में बारिश आम के बौर के लिए तेजाब का काम करती है। भोपाल में सीनियर वेदर साइंटिस्ट एसके नायक ने बताया कि देश के पश्चिमी हिस्से में बने एक सिस्टम और निचले स्तर की पूर्वी हवाओं के मिलने से ऐसा मौसम बना। मध्य प्रदेश समेत पूर्वोत्तर और मध्य भारत में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। फ्रीजिंग लेवल यानी ऊपरी सतह पर जहां तापमान शून्य डिग्री होता है, वह बहुत नीचे आ गया था। इस वजह से तेजी से ओले गिरे।

 

फरवरी में पहली बार भोपाल में इतने बड़े ओले गिरे। 4 साल पहले 26 फरवरी 2014 को 3.96 मिमी बारिश हुई थी। लेकिन ऐसे ओले नहीं गिरे थे। पिछले साल भी इस महीने में बारिश हुई थी। 1986 में फरवरी में सबसे ज्यादा 5.48 मिमी पानी बरसा। महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ में भी रविवार को गिरे ओलों से तीन लोगों की मौत हो गई। सरकार ने इससे फसलों को हुए नुकसान का पता लगाने के लिए ऑफिसर्स को निर्देश दिए हैं।

 

एक सीनियर रेवेन्यू ऑफिशियल ने न्यूज एजेंसी को बताया कि सुबह करीब 7:30 बजे ओले गिरना शुरू हुए और यह सिलसिला आधे घंटे तक चलता रहा।  अफसर ने बताया कि ओलों की चपेट में आकर जालना में दो आदमियों की और वाशिम में एक औरत की मौत हो गई। जालना के कलेक्टर शिवाजीराव जोंधले के मुताबिक, जिले के करीब 180 गांवों में ओले से फसलें तबाह हो गई हैं।

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