udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news बैड लोन के दर्द का इलाज करेंगे आरबीआई और सरकार

बैड लोन के दर्द का इलाज करेंगे आरबीआई और सरकार

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

नई दिल्ली। आरबीआई और सरकार बैंकिंग सेक्टर के फंसे हुए लोन का मामला हल करने के लिए जल्द एक ज्वाइंट एक्शन प्लान शुरू कर सकते हैं। इसके तहत सरकारी कंपनियों को ऐसी कुछ स्ट्रेस्ड एसेट्स को टेकओवर करने के लिए कहा जा सकता है और बैंकों को ओवरसीइंग कमेटियों के जरिए कुछ जरूरी नुकसान उठाकर ये मामले सुलझाने की इजाजत दी जा सकती है।

 
इससे पहले बुधवार को कैबिनेट ने बैड लोन प्रॉब्लम को हल करने के मकसद से कुछ उपायों के पैकेज को मंजूरी दी थी। इसमें आरबीआई को बैड एसेट्स से निपटने में ज्यादा अधिकार देने के लिए एक ऑर्डिनेंस लाने की बात भी शामिल थी ताकि बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट में बदलाव हो सके। ऑर्डिनेंस पर राष्ट्रपति की मंजूरी शुक्रवार तक मिलने की उम्मीद है।

 
एक सीनियर गवर्नमेंट ऑफिशियल ने कहा, ज्वाइंट एक्शन प्लान में मुख्य रूप से बैंकों, बैंकरों और रेगुलेटर को कई एक्शंस के मामले में सुरक्षा देने की बात शामिल होगी, जो ऐसा न होने पर सतर्कता एजेंसियां की बेवजह की जांच के दारे में आ जाएंगे। उन्होंने बताया, ओवरसीइंग कमेटी ऐसे हर प्रस्ताव की समीक्षा करेगी, चाहे वह कुछ नुकसान उठाने की बात हो या रिस्ट्रक्चरिंग की।

 
फाइनेंस सेक्रेटरी अशोक लवासा ने कहा कि बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट में बदलावों से बैड लोन की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, मेरे लिए आंकड़े देना तो संभव नहीं है कि एनपीए कैसे कम होगा, लेकिन इन बदलावों से सिस्टम निश्चित रूप से बैड लोन से निपटने में ज्यादा सक्षम हो जएगा।

 
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सरकारी बैंकों का ग्रॉस बैड लोन पिछले वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बढक़र दिसंबर के अंत में 6.07 लाख करोड़ रुपये हो गया था, जबकि मार्च 2016 के अंत में आंकड़ा 5.02 लाख करोड़ रुपये का था7
पिछले सप्ताह प्राइम मिनिस्टर्स ऑफिस ने बैड लोन की स्थिति की समीक्षा की थी। कैबिनेट सेक्रेटरिएट में एक सेल बनाया जा सकता है, जो हर सेक्टर की ऐसी एसेट्स पर संबंधित प्रशासनिक मंत्रालयों के साथ मिलकर नजर रखेगा।

 
एक सीनियर गवर्नमेंट ऑफिशियल ने कहा, हम कई उपायों पर गौर कर रहे हैं। बैंकों से कहा गया था कि वे टॉप 50 स्ट्रेस्ड एसेट्स की शिनाख्त करें। उनकी रिपोर्ट्स के आधार पर एक लिस्ट बनाई गई है, जिसमें विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जाएगा।

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •