बदरीनाथ से हटाया 15 कुन्तल कूड़ा

बदरीनाथ । बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद यहां कई कुन्तल कूड़े को साफ करने का काम किया गया। गंदगी होने के कारण कई गाय बिना रैन बसेरे और ठंड के चलते विचलित हो रही थी। ठंड के कारण एक गाय की तो मौत भी हो गई। यहां बिखरे हुए लगभग 15 कुन्तल कूड़े को नगर पालिका के सफाईकर्मियों ने उठाकर डंप जोन में लाया।

बदरीनाथ धाम में कपाट बंदी के बाद सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियो ने यहां फैले कूड़े और ठंड से मरती गाय का वीडियो भेजा था। जिसके बाद जोशीमठ नगर पालिका ने तुरंत कार्रवाई करते हुए यहां सफाईकर्मियों को वाहन के साथ भेजा और सफाई का काम शुरू किया गया।

नगर पालिका जोशीमठ के अधिशासी अधिकारी एसपी नौटियाल ने बताया कि कूड़े को उठाकर जोशीमठ डंपिंग जोन में लाया गया है।साथ ही उन्होंने बताया कि मृत गाय को सुरक्षित स्थान पर दफनाने का काम भी कर दिया गया है। एसडीएम से अनुमति लेकर वाहन व सफाईकर्मियों को बदरीनाथ भेजा गया।

जहां उन्होंने मंदिर से लगी दुकानों के आगे फैले कूड़े व तत्पकुंड व मुख्य मार्गों पर फैले कूड़े को उठाकर एकत्रित किया और एक गाय जो ठंड से मर गई थी, उसे सुरक्षित स्थान पर दफनाया।वहीं, जब से देश के प्रधानमंत्री मोदी ने स्वच्छता की मुहित छेड़ी है, तब से लोगों में सफाई के प्रति काफी जागरूकता देखी गई है, जो कि अच्छी बात है।

इस ओर जनता अपना कदम बढ़ा रही है।आपको बता दें, बदरीनाथ मंदिर के कपाट सर्दियों के लिए इस साल 19 नवंबर को बंद किया जा चुके हैं। विजयादशमी के मौके पर मंदिर के अधिकारियों की उपस्थिति में धर्माधिकारी ने इसके लिए शुभ घड़ी तय की थी।

बदरीनाथ-केदारनाथ समिति के मुख्य कार्यकारी बी डी सिंह ने यह जानकारी दी थी। हिमालय में स्थित इस मंदिर के कपाट 19 नवंबर को और केदारनाथ के कपाट 21 अक्टूबर को को बंद किए गए थे।