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बाबा केदार की सेवा ,सवा सौ करोड़ जनता की सेवा: पीएम मोदी

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केदारनाथ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ धाम में पूजन के बाद जनता को संबोधित करते हुए कहा कि सवा सौ करोड़ जनता की सेवा ही बाबा केदार की सेवा है। केदारनाथ में उन्होंने भोले बाबा की पूजा की।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को हिमालय के प्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर पहुंचे. यह इस सीजन में दूसरा मौका है, जब प्रधानमंत्री यहां की यात्रा कर रहे हैं.पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात में आज से नववर्ष आरंभ होता है. उन्हें नववर्ष की शुभकामनाएं. फिर एक बार बाबा ने मुझे बुला लिया. मेरे लिए सवा सौ करोड़ देशवासियों की सेवा ही बाबा की सेवा है. केदारनाथ त्रासदी में मारे गए सभी श्रद्धालुओं को श्रद्धांजलि. उस समय मैं गुजरात की सीएम था. मैं अपने आपको रोक नहीं पाया था और यहां आया था.

 

पीएम नरेंद्र मोदी ने प्राकृतिक आपदा के शिकार लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान देश के सभी राज्यों के लोग प्रभावित हुए। मैं तब गुजरात का सीएम था। उस समय खुद को रोक नहीं पाया और उत्तराखंड चला आया। तब उत्तराखंड की सरकार से मैंने प्रार्थना की कि गुजरात सरकार केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों का जिम्मा उठाएगी। तब कमरे में हुई बैठक में सरकार और अधिकारी भी सहमत हो गए। इसके बाद मीडिया में समाचार आते दिल्ली में तूफान आ गया और उन्हें तक यह मौका नहीं मिला। बाबा को यह मंजूर था कि बाबा के बेटे के हाथ से ही निर्माण कार्य हों। जब यहां भाजपा की सरकार बनी तो यह विश्वास पक्का हो गया।

 

जनसभा में पीएम मोदी ने कहा कि केदारनाथ में जब वह कपाट खुलने के दौरान आए तो उन्होंने देश भर में यह संदेश देने का प्रयास किया कि हादसे ही छाया से हम निकल चुके हैं। अब तक 4.5 लाख यात्री केदारनाथ आ चुके हैं। अगले साल यह आंकड़ा दस लाख से ज्यादा पहुंचेगा।पीएम मोदी ने अपना संबोधन गढ़वाली में स्थानीय जनता के स्वागत से किया। कहा कि मेरू सादर नमस्कार। सबहू कू आशीर्वाद। सब पर केदार बाबा का आशीर्वाद बण्यू रहे।पीएम मोदी ने सभी देशवासियों की नतून वर्ष की भी शुभकामनाएं दी। कहा कि गुजरात में आज से वन वर्ष प्रारंभ होता है। इसके लिए सभी देशवासियों को शुभकामनाएं देता हूं।उन्होंने कहा कि पुराने लोगों ने उनके जीवन के पिछले दिनों की यादि दिलाई। वह गरुड़चट्टी में जीवन व्यतीत करते थे। शायद बाबा की इच्छा नहीं थी कि उनके चरणों में मैं जीवन व्यतीत करूं। फिर उन्होंने जोड़ा कि बाबा केदार ने उन्हें एक बाबा नहीं सवा करोड़ देशवासियों की सेवा का मौका दिया। यहां से ऊर्जा लेकर वह वर्ष 2022 तक देश को एक मुकाम में पहुंचाने के लक्ष्य को लेकर काम करेंगे।

 

 

 

सुबह करीब 8.55 बजे पीएम मोदी सेना के विशेष विमान से देहरादन स्थित जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर पहुंचे। इसके बाद वह हेलीकॉप्टर से केदारनाथ को रवाना हुए। सुबह करीब पौने दस बजे उनका हेलीकॉप्टर केदारनाथ पहुंच गया। हेलीपैड से वह एटीवी वाहन से मंदिर तक पहुंचे।इसके बाद उन्होंने पूजा के लिए मंदिर में प्रवेश किया। इस दौरान उनका पारंपरिक तरीके से मंदिर समिति ने स्वागत भी किया। मंदिर में वह भगवान भोले की पूजा की। मुख्‍य पुजारी बागेश लिंग ने विधि विधान के साथ पूजा संपन्न कराई।इसके बाद उन्होंने विभिन्न पांच योजनाओं का शिलान्यास किया। इसके तहत शंकराचार्य की समाधिस्थल का शिलान्यास, मंदाकिनी नदी घाट और सुरक्षा दीवार, पैदल मार्ग चौड़ीकरण, तीर्थ पुरोहितों के आवास, संग्राहलय के निर्माण का कार्य किया जाएगा।उनके केदारनाथ पहुंचते ही मंदिर परिसर को जीरो जोन कर दिया गया। तीर्थयात्रियों को दर्शन के लिए मंदिर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई। उनके जाने के बाद ही आमजन मंदिर में दर्शन कर सकेंगे।

 

उनके साथ राज्यपाल केके पॉल, सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, वित्त मंत्री प्रकाश पंत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के साथ ही भाजपा के कई नेता व विधायक भी मौजूद हैं।इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर प्रदेश के राज्यपाल डॉ केके पॉल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वागत किया।पीएम मोदी के कार्यक्रम के मद्देनजर पूरी केदारपुरी को छावनी में तब्दील कर दिया है।केदारनाथ मंदिर को 10 कुंतल गेंदे के फूल से सजाया गया है।

 

 

मैंने पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी लेने की बात की थी और सब मान गए थे. मैंने मीडिया के सामने खुशी में ये बात बता भी दी थी. जब मेरे काम करने की खबर आई तो दिल्ली में तूफान आ गया था. इसके बाद राज्यसरकार को घोषणा करनी पड़ी कि हमें गुजरात की जरूरत नहीं. जब दिल्ली में बैठे लोगों को परेशानी हो तो मैं पीछे हट गया, लेकिन बाबा ने तय किया था कि ये काम बेटे के हाथ ही होना था. यहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन गई तो मेरा विश्वास पक्का हो गया कि ये काम मुझे ही करना है. कपाट खुलने पर संकल्प करके गया था और कपाट बंद होने से पहले पहुंच गया हूं. केदारनाथ के भव्य पुनर्निर्माण का आज शिलान्यास हो रहा है.

 

अब पुरोहितों को जो मकान मिलेंगे वो थ्री इन वन होंगे. बिजली, पानी और स्वच्छता का पूरा प्रबंध होगा. पूरी सड़कों को चौड़ा किया जाएगा. पोस्ट ऑफिस, बैंक, कंप्यूटर की व्यवस्था समेत सारा प्रबंध होगा. केदारनाथ के पूरे रास्ते भक्तिमय माहौल देने की कोशिश होगी. यहां पांच परियोजनाओं का प्रारंभ हो रहा है. मंदाकिनी के घाट का भी निर्माण कार्य होगा. यहां लोगों के बैठने का इंतजाम होगा. यहां जो भी काम होगा उसमें पर्यावरण के नियमों का पालन किया जाएगा. उसमें आधुनिकता होगी, लेकिन उसकी आत्मा वही होगी जो केदार ने सदियों से अपने भीतर समाहित करके रखा है.

 

आमतौर पर हर साल दीवाली के त्योहार पर तीर्थस्थल सन्नाटे में डूब जाता है क्योंकि ज्यादातर पुजारी और दुकानदार त्योहार मनाने के लिए अपने घर वापस चले जाते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर बदली हुई है. दीवाली के बाद इस मंदिर के पट छह महीनों के लिए बंद कर दिए जाते हैं. यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसे देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में एक माना जाता है. .

 

अपने तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी सुबह 8 बजकर 55 मिनट पर जौलीग्रांट हवाई अड्डे पहुंचे जहां राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने उनका स्वागत किया.पीएम मोदी की यात्रा के मद्देनजर इलाके को जगमगाती रोशनी और फूलों के साथ सजाया गया है. साथ ही कई और तरह की गतिविधियां भी की जा रही हैं.

प्रधानमंत्री जौलीग्रांट हवाई अड्डे से सीधा केदारनाथ के लिए रवाना हो गए. केदारनाथ मंदिर में दर्शन के बाद वह वर्ष 2013 की प्राकृतिक आपदा में क्षतिग्रस्त हुई आदिगुरू शंकराचार्य की समाधि की जीर्णोद्वार परियोजना का शिलान्यास कर रहे हैं. वह अन्य कई कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे. पीएम मोदी आज ही दिल्ली वापस लौट जाएंगे.

 

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