अंत्योदय ट्रेन: किराया कम, राजधानी का मजा

नईदिल्ली । इंडियन रेलवे ने पहला अंत्योदय एक्सप्रेस पटरी पर उतार दिया है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने वित्त वर्ष 2016-17 के लिए पेश अपने आखिरी रेल बजट में यह ट्रेन चलाने की घोषणा की थी। सोमवार को उन्होंने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पहली अंत्योदय ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन कई खासियतों से लैस है।

 
कम किराया, तेज सफर
रफ्तार में राजधानी एक्सप्रेस को भी मात देगी अंत्योदय एक्सप्रेस, 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। इसका बेस फेयर मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों से महज 15 प्रतिशत ज्यादा होगा। ट्रेन पूरी तरह अनारक्षित है।

 
बेहद आरामदायक
ट्रेन के रफ्तार पकडऩे पर बिल्कुल कम झटका महसूस होगा, दुर्घटना होने पर यात्रियों को कम नुकसान होगा। कोचों में सामान रखने के रैक्स ऐसे बने हैं जहां सामानों में खरोंच नहीं आए।

 
शानदार सुविधाएं
हर कोच में आरओ लगा होगा। कोचों में मॉड्युलर टॉइलट्स और बायो टॉइलट्स लगे हैं। हर जगह एलईडी लाइट्स का इस्तेमाल किया गया है।

 
आरामदायक कोच
कोच को इस तरह डिजाइन किया गया है कि खड़े होकर यात्रा करने वाले भी सहज महसूस करेंगे। ट्रेन के अंदर आवाजाही के लिए गलियारे बने हैं। ऐसे कोच अब तक राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में ही होते थे।

 
नहीं होगी चित्रकारी
खास बात यह है कि कोच की दीवारें ऐसी बनी हैं कि इस पर कुछ उकेरा नहीं जा सकेगा। गौरतलब है कि लोग ट्रेनों के वॉशरूम और अन्य जगहों पर भद्दे-भद्दे चित्र और अश्लील बातें लिख दिया करते थे।

 
7 ट्रेनों का प्रस्ताव
रेल मंत्रालय का मकसद भीड़ाभाड़ वाले रूटों पर अंत्योदय के जरिए यात्रियों को सुपरफास्ट ट्रेन सर्विस देने का है। अंत्योदय एक्सप्रेस: टिकट थोड़ा महंगा, सफर राजधानी से भी तेज रेल मंत्रालय का मकसद भीड़ाभाड़ वाले रूटों पर अंत्योदय के जरिए यात्रियों को सुपरफास्ट ट्रेन सर्विस देने का है।

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