अध्यापक दूसरे के पाल्यों को अपना समझकर भविष्य संवारे: मंगेश

जिले के दूरस्थ क्षेत्र सौंराखाल में आयोजित तहसील दिवस ,तहसील दिवस में 72 शिकायतें दर्ज
जनता ने अधिकारियों और शिक्षकों पर लगाये आरोप ,अधिकारी जनता का नहीं उठाते हैं फोन, क्षेत्र में न रहकर शहरों में डाले हैं डेरा ,मोटरमार्ग के मामले भी रहे छाये, जनता ने जिलाधिकारी के प्रयास को सराहा

रुद्रप्रयाग। दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात अध्यापक सही समय पर स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। कारण यही है कि अध्यापक शहरी क्षेत्रों में निवास कर रहे हैं और देरी से स्कूल पहुंच रहे हैं। शिक्षकों की ऐसी शिकायत बार-बार मिल रही है, जिस कारण छात्रों का भविष्य भी संकट में है। अध्यापक दूसरे के पाल्यों को भी अपना समझकर अध्ययन कराएं, तभी जाकर व्यवस्था में सुधार आ सकता है और क्षेत्र में ही अपने लिए निवास तलाश कर समय पर स्कूल पहुंचकर व्यवस्था संभालें।

जिले के दूरस्थ क्षेत्र सौंराखाल भरदार में आयोजित तहसील दिवस में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने यह बात कही। उन्होंने ग्रामीण जनता द्वारा अध्यापकों की मिल रही शिकायत पर चिंता जाहिर की और अध्यापकों को सख्त हिदायत देते हुए समय पर विद्यालय पहुंचने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अध्यापक दूसरे के बच्चों को भी अपना समझें, तभी जाकर व्यवस्था में सुधार आ सकता है। सही समय पर स्कूल पहुंचे और बच्चों का पठन-पाठन सही तरीके से करायें।

 

शिक्षकों के कंधों पर ही बच्चों का भविष्य निर्भर है। इस दौरान ग्रामीणों ने राजकीय इंटर कॉलेज सौंराखाल में अध्यापकों की कमी होने की समस्या बताई। साथ ही कहा कि सौंराखाल में शिक्षक आवास बना है, मगर शिक्षक शहरी क्षेत्रों से आ रहे हैं और विद्यालय देरी से पहुंच रहे हैं। जिलाधिकारी ने शिक्षकों को शिक्षक आवास पर रहने के निर्देश दिये। साथ ही कहा कि जो शिक्षक शहरी क्षेत्र से आयेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।

 

ग्रामीणों ने राजस्व उप निरीक्षक के खिलाफ भी आक्रोश जताया। कहा कि राजस्व उप निरीक्षक क्षेत्र में नहीं रहते हैं, जिससे ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता है। ग्रामीणों ने अधिकारियों पर फोन न उठाने का भी आरोप लगाया। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से राजस्व उप निरीक्षक सौंदा को हटाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारी क्षेत्र में नहीं रहेंगे तो ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पायेगा।

 

अधिकारी जनता के प्रति अपनी जवाबदेही को समझें। जनता के फोन उठाकर उनकी समस्याओं को समझें। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि यदि कोई अधिकारी व कर्मचारी जनता का फोन नहीं उठाता है तो वे सीधे मुझे कॉल कर सकतें है। तहसील दिवस में सौंरा-सतनी-बांसी, सेमलता-डुंगरा-कफना मोटरमार्ग, रुद्रप्रयाग-जवाड़ी-मल्यासू, कोटली-बांसी-मोटरमार्गस्यांरी-मुरचौंडा मोटरमार्ग का मामला भी जोर से उठाया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में तहसील दिवस आयोजित करने का मकसद यही है की दूरस्थ क्षेत्र की समस्याओं का निस्तारण मौके पर किया जा सके।

 

उन्होनें समस्त जनपदीय स्तरीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी के रूप में सबकी जिम्मेदारी है कि जनता की समस्याओं को सुनकर निस्तारित करें। इस अवसर पर फरियादियों ने कुल 72 शिकायत दर्ज कराई, जिसमें से तीस शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह तहसील दिवस में दर्ज शिकायतों का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर करें।

 

लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा भूमि के अनुरूप ग्रामीणो को सब्जी का उत्पादन करना चाहिए। किसानों को अपने फसल का बीमा अवश्य कराना चाहिए। फसल का नुकसान होने पर मुआवजा के लिए ग्रामीणो को दर-दर नही भटकना पडेगा।इस अवसर पर मनरेगा जॉब कार्ड धारको को मजदूरी भुगतान न होने पर जिलाधिकारी ने परियोेजना निदेशक को एक सप्ताह के भीतर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि पेशंन धारक, मनरेगा जॉब वालों को आधार कार्ड से लिंक करना होगा, जिससे पोस्ट आफिस व बैंक में सभी को सुविधा उपलब्ध हो जायेगी।

 

श्रीमती धनिता देवी ग्राम प्रधान ने बताया कि गौराधन योजना के फार्म भरके समाज कल्याण विभाग में जमा किये गये, जिससे ग्राम वासियो को इस योजना का लाभ नही मिल पा रहा है। समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि जिस परिवार की मासिक आय 1,330 होगी, उन्हीं परिवारो को इस योजना का लाभ मिल सकता है। शिकायतकर्ता मनथन लाल ने लड़की की शादी के लिये सहायता मांगी, मगर किसी भी प्रकार की सहायता नही मिली। वांसी के प्रधान ने उच्चतम माध्यमिक विद्यालय के पीछे की दीवार 2013 में क्षतिग्रस्त हो गयी थी।

 

इसकी सूचना शिक्षा विभाग को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया। शिक्षा अधिकारी ने कहा कि धन न मिलने से यह कार्य नहीं हो पाया, इसका प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। धन प्राप्त होने पर दीवार का निर्माण किया जायेगा। सौंराखाल की प्रधान गुड्डी देवी व पूर्व प्रधान सुजान सिंह ने जिलाधिकारी से निवेदन किया कि सौराखाल में आधार कार्ड कैम्प लगाया जाय।

 

पांजणा के प्रधान ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय जीर्ण-शीर्ण होनेे के कारण एक कमरा क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे कोई भी अनहोनी हो सकती है। इस अवसर पर लोकनिमार्ण विभाग, पीएमजीएसवाई, जलसस्थान,कृषि विभाग, पशुपालन विभाग की विशेष शिकायतें दर्ज की गयी।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डीआर जोशी, उपजिलाधिकारी मुक्ता मिश्र, सीओ श्रीधर बडोला, परियोजना निदेशक एन.एस. रावत, तहसीलदार श्रेष्ठ गुनसोला, एवं समस्त जिला सस्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

जिलाधिकारी के प्रयासों को सराहा
राजकीय इंटर कॉलेज सौंराखाल में आयोजित तहसील दिवस एवं जनता दरबार में क्षेत्र की जनता उमड़ पड़ी। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को जिलाधिकारी के सम्मुख रखा और कहा कि इससे पूर्व क्षेत्र में शिविर तो लगाये गये, मगर समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों की समस्याओं को समझते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर ही अधिकारियों को लताड़ लगानी शुरू कर दी और जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के आदेश दिये। जिलाधिकारी की बेबाक छवि और कार्यशैली जनता को भा गई और ग्रामीण जनता ने जिलाधिकारी के प्रयासों की जमकर सराहना की।