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आर्टिफिशली गर्भ से बच्चे का जन्म, मेडिकल क्षेत्र का नया चमत्कार !

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उदय दिनमान डेस्कः आर्टिफिशली गर्भ से बच्चे का जन्म, मेडिकल क्षेत्र का नया चमत्कार ! जिस देश में पल-पल में चमत्कार होते हो वहो एक ऐसा अनोखा चमत्कार अगर डाक्टर भी कर लें तो कोई नयी बात नहीं हैं। भारत को प्राचीन काल से ही चमत्कारों की धरती कहा जाता है और इसे पूरा विश्व मानता है।यहां पल-पल में चमत्कार होते रहते है कोई चमत्कार दिखता और मीडिया में आ जाता है तो उसे पूरी दुनिया देख लेती है।

 

यह एक अनोखा चमत्कार ही है कि यहां के डाक्टरों ने ऐसा करिश्मा कर दिया जिसे पूरी दुनिया चमत्कार मानने से पीछे नहीं हटेगी। आपको बता दें कि मेडिकल क्षेत्र में एक चमत्कार सरीखा पल तब आया जब स्वायर सिंड्रोम से पीडि़त एक महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। इस सिंड्रोम से पीडि़त व्यक्ति में पुरुषों की तरह एक्सवाई क्रोमोसोम्स होते हैं लेकिन उनका शरीर महिलाओं की तरह होता है।

 

यह शायद विश्व का अकेला ऐसा देश होगा जहां अभी तक ऐसे मामले आये होंगे। भारत में  स्वायर सिंड्रोम के अब तक 18 मामले सामने आए हैं। यह सिंड्रोम 80,000 में से किसी एक को होता है।इसके बारे में पता तब नहीं चलता जब तक बच्चा प्यूबर्टी तक नहीं पहुंचता। कई बार इसका पता भी नहीं चलता, खासकर तब, जब कोई समाज के कारण इसे छिपा लेता है।

 

भारत में महिला के लिए जीवन कठोर और कष्टकारी है साथ ही अगर यहां की महिलाओं के शरीर में कोई बदलाव हो तो वह समाज के सामने इसका सामना करने के लिए भी सज्ज रहती है। इस मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ। इस सिंड्रोम का इलाज करा रही स्वाति(काल्पनिक नाम) ने बताया, मुझे स्वायर सिंड्रोम होने के बारे में 2003 में पता चला। वह मेरे और मेरे परिवार के लिए मुश्किल समय था।

 

लेकिन मैंने समाज की चिंता किए बिना उसका सामना किया। मैंने पढ़ाई में अपना ध्यान लगाया। मुझे पता था कि मुझे समाज की नजरों में एक आदर्श स्त्री बनने से ज्यादा और भी कुछ करना है।इस देश में नारी शक्ति के बारे में पूरी दुनिया को पता है और सभी जानते हैं कि अगर इस देश की नारी चाहे तो वह कुछ भी कर सकती है।

 

फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ अवीवा पिंटो बताती हैं कि स्वायर सिंड्रोम में एक व्यक्ति बाहर से महिला होता है और उसमें प्रजनन अंग पुरुष के होते हैं जिन्हें सर्जरी कर निकाला जा सकता है। इसके अलावा हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी भी की जाती है।

 

दरअसल, क्रोमोसोम्स ही तय करते हैं कि होने वाला बच्चा महिला होगा या पुरुष। पुरुषों में जहां एक एक्स क्रोमोसोम होता है और एक वाई, वहीं महिलाओं में दोनों एक्स क्रोमोसोम होते हैं।

 

स्वाति ने आर्टिफिशली गर्भ धारण किया और एक बेटे को जन्म दिया। स्वाति मानती है कि एक महिला के जीवन में मां बनने से अधिक भी बहुत कुछ होता है लेकिन वह इस पल को अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा तोहफा मानती हैं।

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