आर्गेनिक खेती से उगेंगी फल सब्जियां,श्री दरबार साहिब ने कदम आगे बढ़ाए

देहरादून। उत्तराखंड में आर्गेनिक स्टेट बनाने की दिशा में श्री दरबार साहिब ने कदम आगे बढ़ाए हैं। श्री गुरुराम राय विश्वविद्यालय के कृषि विभाग ने इसका व्यापक खाका तैयार किया है।

यह भी तय किया है कि अब दरबार साहिब की जमीनों पर सिर्फ आर्गेनिक खेती होगी। आर्गेनिक खेती को लेकर एसजीआरआर समूह की ओर एक मास्टर प्लान भी तैयार किया गया है। जिसे पिछले दिनों कृषि मंत्री सुबोध उनियाल और एसजीआरआर विवि के चांसलर श्रीमहंत देवेंद्र दास के बीच हुई मुलाकात में सामने रखा गया था।

एसजीआरआर समूह के जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने बताया कि श्री दरबार साहिब प्रबंधन की देहरादून, मसूरी, विकासनगर सहित कई अन्य इलाकों और पड़ोसी राज्यों में कई सौ एकड़ भूमि है, जिस पर कृषि होती है। लेकिन अब इस जमीन पर सिर्फ आर्गेनिक खेती होगी। इसमें एसजीआरआर विश्वविद्यालय का कृषि विभाग सहयोग करेगा।

कृषि विभागाध्यक्ष डा.एके सक्सेना कहते हैं कि सरकार की मंशा को पूरी करने के लिए विवि ने अपने स्तर पर आर्गेनिक खेती के क्षेत्र में कई शोध किए हैं, जिन्हें विवि अपनी ही जमीन पर उतारकर आर्गेनिक खेती का मॉडल पेश करने जा रहा है। पहले चरण में आलू, प्याज़, टमाटर, मौसमी सब्जियां और फूलों की खेती को आर्गेनिक तरीके से किया जाएगा।

जबकि दूसरे चरण में गेहूं, चावल, दालों की आर्गेनिक फसल तैयार की जाएगी। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय का कृषि विभाग ने खेती के लिए बायो पैस्टीसाइड व बायो फर्टिलाइजऱ तैयार किए हैं।

एसजीआरआर विवि राज्य में आर्गेनिक खेती के लिए पंतनगर विवि के साथ ही दूसरे विश्वविद्यालयों से एमओयू करने जा रहा है। ताकि राज्य में सिक्कम और त्रिपुरा जैसा आर्गेनिक मॉडल लागू हो सके। साथ ही किसानों और युवाओं को विवि ट्रेनिंग भी देगा। इसके लिए विवि ने सात दिन से लेकर 30 दिन का स्किल डवेल्पमेंट प्रोग्राम तैयार किए हैं। जिसमें युवाओं को आर्गेनिक खेती और बॉयो उर्वरक तैयार करने की विधि सिखाई जाएगी।

श्री गुरुरामराय विश्वविद्यालय के श्री महंत देवेंद्र दास महाराज ने उत्तराखंड को आर्गेनिक स्टेट बनाने के सरकार के फैसले का स्वागत किया है। साथ ही कहा कि एसजीआरआर इस पहल को साकार करने में पूरा सहयोग करेगा। श्री दरबार साहिब प्रबन्धन की कृषि भूमि को संरक्षित कर आर्गेनिक खेती के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है, जिस पर काम शुरू किया जा रहा है।