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31 मार्च तक फाइल करने होंगे पिछले आईटी रिटर्न

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मुंबई । अगर आपने अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइनैंशल इयर 2016-17 के लिए नहीं फाइल किया है तो अभी भी आपके पास मौका है। 31 मार्च तक आप पिछले दो वित्त वर्षों का आयकर दाखिल कर सकते हैं। फाइनैंशल इयर 2015-16 के लिए भी आप बिलेटेड आईटी रिटर्न 31 मार्च, 2018 तक फाइल कर सकते हैं। लंबित आयकर को लेकर आईटी विभाग लगातार सख्ती बढ़ा रहा है।

टैक्स और उस पर लगे ब्याज की रिकवरी के लिए आयकर विभाग नोटिस पहले ही भेज चुका है लेकिन अब डिफॉल्टर्स को अभियोग नोटिस भी भेजे जा रहे हैं। इसलिए किसी परेशानी से बचने के लिए 31 मार्च की डेडलाइन का ध्यान रखना जरूरी है। बिलेटेड रिटर्न्स फाइल करने की डेडलाइन को वित्त मंत्रालय ने फाइनैंस ऐक्ट, 2016 में संशोधनों के जरिए बदल दिया है।

फाइनैंस ऐक्ट, 2016 में किए गए संशोधन पहली बार लागू होने जा रहे हैं। बिलेटेड रिटर्न अब पिछले वित्त वर्ष के आखिरी दिन से 12 महीनों के भीतर ही फाइल किया जा सकता है। इससे पहले यह समयसीमा 24 महीने थी। बिलेटेड, वे इनकम टैक्स रिटर्न होते हैं जो डेडलाइन के बाद फाइल किए जाएं। बिलेटेड रिटर्न फाइल करने की समयसीमा को फाइनैंस ऐक्ट में संशोधन के जरिए बदला गया है।

आयकर अधिकारी ने बताया कि लोगों को इस बारे में जागरूक करने के लिए प्रचार की सीरीज चलाई गई। उन्होंने बताया, अगर व्यक्तियों की बात करें तो उन्हीं लोगों को रिटर्न फाइल करना है जो टैक्स दायरे में आते हों। कई सैलरीड लोगों में यह भ्रम है कि अगर वह 2.5 लाख से अधिक सालाना कमाते हैं तो उनका टैक्स कंपनी सोर्स पर काट रही है और उन्हें रिटर्न फाइल नहीं करना है।

ऐक्ट में किए गए संशोधन के मुताबिक, किसी सैलरी पाने वाले व्यक्ति को वित्त वर्ष 2016-17 का रिटर्न 31 जुलाई, 2017 तक फाइल करना था। अगर वह ऐसा नहीं कर पाया है तो बिलेटेड आईटी रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 मार्च, 2018 है। साफ कर दें कि 31 मार्च, 2018 की डेडलाइन फाइनैंशल इयर 2017-18 में कमाई गई इनकम पर लागू नहीं होती है। अगर आप सैलरीड एंप्लॉयी हैं तो वित्त वर्ष 2017-18 का आईटी रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई है।

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