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30 अप्रैल को खुलेंगे भविष्य बदरी धाम के कपाट

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चमोली। पंच बदरी में शामिल भविष्य बदरी धाम के कपाट इस वर्ष 30 अप्रैल को खोले जाएंगे। इसके लिए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। भविष्य बदरी मंदिर व धर्मशालाओं में साफ-सफाई के अलावा रंग-रोगन का कार्य पूरा कर लिया गया है।

 

चमोली जिले में स्थित भविष्य बदरी मंदिर के कपाट खुलने की परंपरा बदरीनाथ मंदिर से जुड़ी हुई है। जिस दिन एवं मुहूर्त पर बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलते हैं, उसी दिन एवं मुहूर्त पर ही भविष्य बदरी मंदिर के कपाट भी खोले जाते हैं। बदरीनाथ धाम के कपाट इस बार 30 अप्रैल को खोले जाएंगे।

 

भविष्य बदरी मंदिर के पुजारी सुशील डिमरी ने बताया कि मंदिर के कपाटोद्घाटन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गौरतलब है कि भविष्य बदरी पहुंचने के लिए जोशीमठ-मलारी हाईवे पर सलधार तक 18 किमी का सफर वाहन से तय कर पांच किमी की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है।

 

भगवान को लगेगा केसर का भोग
पुजारी सुशील डिमरी ने बताया कि कपाट खुलने के मौके पर भगवान भविष्य बदरी का फूलों से शृंगार किया जाएगा। विष्णु सहस्रनाम पाठ के बाद भगवान को केसर का भोग लगेगा।मान्यता के अनुसार जोशीमठ के नृसिंह मंदिर में भगवान नृसिंह की मूर्ति के एक हाथ की कलाई लगातार कमजोर हो रही है।

 

जब वह टूटकर जमीन पर गिर जाएगी, तब जय-विजय पर्वत आपस में जुड़ जाएंगे और बदरीनाथ धाम जाने की राह अवरुद्ध हो जाएगी। कहते हैं कि इसके बाद भगवान बदरी विशाल अपने भक्तों को भविष्य बदरी धाम में ही दर्शन देंगे।

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