udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news 2019 में गैर बीजेपी-गैर कांग्रेस फ्रंट? तेलंगाना सीएम चंद्रशेखर अगुआई को तैयार

2019 में गैर बीजेपी-गैर कांग्रेस फ्रंट? तेलंगाना सीएम चंद्रशेखर अगुआई को तैयार

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हैदराबाद । देशभर में बीजेपी के बढ़ते जनाधार और 2019 लोकसभा चुनाव के आहट के बीच तेलंगाना के सीएम के. चंद्रशेखर राव ने एक बार फिर थर्ड फ्रंट जैसी कवायद की चर्चा छेड़ दी है। हालांकि उन्होंने इसे मेन फ्रंट कहा है।

इसके साथ ही चंद्रशेखर ने देश को बीजेपी और कांग्रेस दोनों से मुक्त करने की बात कही। चंद्रशेखर ने कहा कि 7 दशक की राजनीति में बीजेपी और कांग्रेस दोनों पूरी तरह से फेल हैं और ऐसे में अब देश की राजनीति में गुणात्मक बदलाव की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि वह देश की राजनीति में बदलाव के लिए शुरू होने वाले आंदोलन की अगुआई के लिए तैयार हैं। उधर, चंद्रशेखर के इस बयान को कई राजनीतिक दलों का समर्थन भी मिला है।

बता दें कि शनिवार को पूर्वोत्तर राज्यों खासकर त्रिपुरा में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बीच तेलंगाना के सीएम का यह बयान सामने आया। राव ने अपने बयान में कहा, देश के लोग 2019 लोकसभा चुनाव में बदलाव चाहते हैं। देश की राजनीति में इस समय गुणात्मक बदलाव की जरूरत है। मैं अपनी सोच वाली पार्टियों से लगातार इस बारे में बात कर रहा हूं। जरूरत पड़ी तो इस बदलाव के आंदोलन की अगुआई के लिए मैं तैयार हूं।

राव के इस बयान को गैर बीजेपी दलों का समर्थन भी मिला है। रविवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनसे फोन पर बात की और इस मुद्दे पर उन्हें समर्थन देने का ऐलान किया।

ओवैसी का भी राव को समर्थन
उधर, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का भी राव को समर्थन मिला है। ओवैसी ने कहा, मैं सीएम के बयान का समर्थन करता हूं। उन्होंने सही कहा है कि देश की जनता बीजेपी सरकार से त्रस्त हो गई है। वहीं कांग्रेस भी अच्छा विकल्प नहीं है। राव ने प्रदेश में पिछले 4 साल में बेहतर काम किया है।

ममता ने भी दिए संकेत
बता दें कि पूर्वोत्तर राज्यों में भी कमल खिलने के बाद अब गैर बीजेपी पार्टियां 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को घेरने की तैयारी में जुट गई हैं। शनिवार को त्रिपुरा के रिजल्ट के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी ऐसे संकेत दिए। ममता ने अपने बयान में कहा कि यह बीजेपी की जीत नहीं बल्कि वामपंथी सरकार के आत्मसमर्पण और कांग्रेस का गठबंधन के लिए तैयार नहीं होने का नतीजा है। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी गठबंधन के लिए तैयार हो गए होते तो त्रिपुरा में रिजल्ट कुछ और होता।

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