udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news 12 वर्षों बाद नवासू गांव में हरियाली जात का आयोजन

12 वर्षों बाद नवासू गांव में हरियाली जात का आयोजन

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

सुख समृद्धि का प्रतीक हरियाली राज जात ,देश-प्रदेश से प्रवासी हो रहे धामिक अनुष्ठान में शामिल

रुद्रप्रयाग। बच्छणस्यूं पट्टी के नवासू गांव में 12 वर्षों बाद हरियाली राज जात का आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक अनुष्ठान में देश-विदेश से प्रवासी भाग ले रहे हैं और पुण्य के भागी बन रहे हैं। कहते हैं क्षेत्र में मां हरियाली की असीम कृपा है, जिससे यह क्षेत्र हरा भरा रहता है और मां अपने भक्तों पर आशीर्वाद बनाये रखती है।

जनपद के बच्छणस्यूं पटटी के नवासू गांव में इन दिनों हरियाली राज जात में भक्त डूबे हुए हैं। हर दिन मां हरियाली की चार पहर की पूजा-अर्चना की जाती है। जात में बड़ी संख्या में देश-विदेश में रहने वाले प्रवासी और धियाणियां मां का आर्शीवाद लेने पहुंच रही हैं। बारह साल बाद आयोजित धर्मिक अनुष्ठान से क्षेत्र की जनता में काफी खुशी है।

नौ दिन तक चलने वाले अनुष्ठान में विधि-विधान से पूजा अर्चना व मंडान का आयोजन किया जाता है, जिससे भक्तों के जयकारो से मां का पूरा परिसर गुंजायमान रहता है। रात्रि जागरण में तीन ग्राम पंचायतों के श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। अनुष्ठान के सफल आयोजन के लिए यज्ञ हवन किया जा रहा है। नित्य स्नान के बाद बाहरी प्रवासी मां को सोने-चांदी के आभूषणों और धियाणियां श्रृंगार से सजा रही है।

चार पहर में लगने वाले मां के मंडान में पश्वाओं पर देवी के साथ-साथ अन्य रक्षक देवता भी अवतरित हो रहे है, जिससे क्षेत्र उल्लास का माहौल बना हुआ है। मां हरियाली का वर्णन स्कंद पुराण में भी किया गया है। यह देवी इस क्षेत्र की भूमि देवी है और जिस स्थान पर मां का मंदिर है उसके चारों ओर जंगल हमेशा हरा भरा रहता हैं और मां अपने भक्तों को हरियाली की तरह ही हरा भरा रखती है।

मां को आज भी धियाणी के रूप में पूजा जाता है और इस उत्सव में धियाणियों को निमंत्रण देकर बुलाया जाता है, जिससे मां और भी प्रसन्न होती हैं। प्रवासी हरेन्द्र सिंह रौथाण, ग्रामीण सुशील, हरियाली मां के पश्वा प्रेम सिंह रौथाण, पुजारी देवी प्रसाद बहुगुणा ने बताया कि हरियाली देवी राज जात में भक्तों का तांता हुआ है।

मां की पूजा-अर्चना के लिए देश-विदेश में रह रहे प्रवासी पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि बारह वर्षों में मां का अनुष्ठान किया जा रहा है, जिससे भक्तों में खासा उत्साह बना हुआ है। मां के दरबार में जो भी भक्त पहुंचता है कि उसकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मां हरियाली के दरबार से खाली हाथ कोई नहीं जाता। विकट स्थान पर मां विराजमान हैं, पहुंचने के लिए काफी मुश्किलों से होकर गुजरना पड़ता है।

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •