ये महज एक चुनाव नहीं है, बल्कि पहाड़ की अस्मिता को बचाने के लिए एक आंदोलन

कविन्द्र इष्टवाल ने चौबट्टाखाल सीट से निर्दलीय भरा नामांकन

चौबट्टाखाल विधानसभा सीट से भारतीय जनता मजदूर मोर्चा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष और समाजसेवी कविन्द्र इष्टवाल निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए। उन्होंने पौड़ी कलेक्ट्रेट में जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन दाखिल करने से पूर्व कविन्द्र इष्टवाल अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ चौबट्टाखाल से पौड़ी जिला मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान समर्थकों ने उनका फूलमालाओं से जोरदार स्वागत किया।

नामांकन पत्र दाखिल करने के पश्चात वे सैकड़ों समर्थकों के साथ रैली के रूप में एजेंसी चैक से कलेक्टेट परिसर होते हुए धारा रोड से बस अड्डे पहुंचे।  सैकड़ों समर्थक उनके समर्थन में नारे लगाते हुए उनके साथ-साथ जब चले तो पौड़ी की सड़कें जनसमुद्र में बदल गयी।

इस दौरान कविन्द्र इष्टवाल के साथ आये समर्थकों का कहना था कि वह इस बार स्थानीय  व्यक्ति को अपना नेतृत्व करने का मौका देना चाहते हैं। अभी तक हमें सिर्फ छला गया है, विकास की सिर्फ बातें की गई हैं और कुछ नहीं। राजनीतिक दलों ने जिस तरह से जनभावनाओं को दरकिनार करते हुए सिर्फ वीआईपी नेताओं को टिकट वितरण किया है और सालों से पार्टी का झंडा-डंडा उठाने वालों को दरकिनार किया है वह बहुत ही शर्मनाक है।

इस दौरान कविन्द्र इष्टवाल ने समर्थकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस बार का चुनाव ऐतिहासिक होगा। उन्होंने कहा कि इस बार का चुनाव राजनीतिक दलों के बीच नहीं बल्कि नेता और जनता के बीच का है। राजनेताओं ने जिस तरह से बार-बार जन भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और राजनीति को निजी स्वार्थ का अड्डा बना दिया है उससे यह पर्वतीय प्रदेष और उसकी जनता की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि मेरा मकसद सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं है बल्कि पिछले 16 सालों में जिस तरह से पहाड़ और वहां के गांव की उपेक्षा सरकारों ने की है उससे निजात दिलाने के लिए यह एक आंदोलन है।

उन्होंने यह भी कहा कि वह सिर्फ चुनाव नहीं लड़ रहे हैं बल्कि वह पहाड़ की अस्मिता की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे खुद पर भरोसा है लेकिन उससे भी ज्यादा अपने क्षेत्र की जनता पर भरोसा है जो मुझे हर संघर्ष से लड़ने की शक्ति प्रदान करती है।

दल-बदल नेताओं ने अपने स्वार्थ के लिए आम आदमी के साथ जो खिलवाड़ किया है उसका जवाब जनता जरूर देगी। जिस तरह से जनता का प्यार और आशीर्वाद उन्हें मिल रहा है उससे साफ है कि इस बार जनता इस आंदोलन को सफल बनाएगी। उन्होंने यह भी आह्वान किया कि सिर्फ चौबट्टाखाल ही नहीं बल्कि सभी विधानसभा वासियों को एकजुट-एकमुट होकर पर्वतीय समाज, संस्कृति और यहां के लोगों की रक्षा के लिए आगे आना होगा।

आज युवा हों, चाहें महिलाएं सभी के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा हैं इसलिए मौका है अपने साथहो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की ताकि ऐसे स्वार्थी, मौकापरस्त, दल-बदल और ढोंगी नेताओं को सबक सिखाया जा सके।        मतदान एक दिन का खेल नहीं बल्कि यह हम सब के भविष्य की रूपरेखा तय करता है और मुझे उम्मीद ही नहीं पूरा विश्वास है कि इस बार जनता अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी।

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